नोबेल प्राइज मिल जाने का यह मतलब नहीं है की जिस शख्स को यह पुरूस्कार मिला है वह 'मन ' और ईमान से भी नोबेल है . बंगला देश के मोहमद युनुस जिन्हें २००६ में मैक्रो -इकोनोमिक्स में उनके प्रयोगों(ग्रामीण बेंक) के लिए इस पुरूस्कार से नवाजा गया था . अब खबर आई है कि उन्हें बेंक के प्रबंध निदेशक के पद से हटा दिया गया है .कारण महज इतना है कि उन पर करोडो रुपयों कि हेराफेरी का आरोप लगा है .
बांग्लादेश के कंद्रीय बैंक ने कहा है कि 70 वर्षीय मुहम्मद युनूस को इसलिए हटाया गया क्योंकि वे 60 साल की उम्र के बाद भी ग्रामीण बैंक के प्रबंध निदेशक बने रहे.मुहम्मद यूनुस बांग्लादेश सरकार के आलोचक रहे हैं. सरकार की अब ग्रामीण बैंक में 25 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.
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