Thursday, February 10, 2011

वो रहने वाली ब्रिटेन की


पश्चिम में जीवित लोकप्रिय और प्रसिद्ध व्यक्तियों के जीवन पर फिल्म बनाने की सफल परंपरा रही है. इसी कड़ी में ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती मारग्रेट थेचर के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए(1982 ) फाकलैंड युद्ध के सत्रह दिन को आधार बनाकर "द आयरन लेडी " फिल्म पर काम शुरू हो गया है. मार्गरेट की भूमिका मशहूर अमरीकी अभिनेत्री मेरिल स्ट्रीप निभा रही है . मेरिल स्ट्रीप 1978 से लेकर 2009 तक कई अकादमी (ओस्कर )पुरूस्कार जीत चुकी है. मेरिल ने मार्गरेट के किरदार में उतरने के लिए ब्रिटेन की संसद में बैठकर प्रधानमत्री के काम करने के ढंग को समझना आरम्भ कर दिया है.


हमारे देश में फिल्मकार अभी इस तरह के गंभीर और विवादस्पद विषयों से बचते रहे है . ऐसा नहीं है कि रोचक कहानिया नहीं है. हमारी पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का पूरा जीवन उतार चडाव भरा रहा है ., जो किसी भी फिल्म के रोमांचक कथानक के लिए सबसे जरुरी है. ठीक उसी तरह सोनिया गांधी का केम्ब्रिज से लेकर दस जनपथ का सफ़र कई 'सिक्वेल ' बनाने लायक मसाला उपलब्ध करा सकता है . अमरीका में बसे फिल्मकार 'जगमोहन मुंदरा,' ने इतालवी अभिनेत्री मोनिका बलूची को लेकर एक फिल्म सोनिया गांधी पर शुरू करने कि घोषणा की थी ...फिल्म कब शुरू होगी किसी को पता नहीं है. विदित हो कि जगमोहन मुंदरा कि छवि कामसूत्रीय फिल्म ' डिवाइन लवर्स ' जेसी फिल्मो के निर्माता की रही है.

भारत में सेंसर बोर्ड के समानांतर भी एक सेंसर बोर्ड काम करता है . कभी यह भगवा की शक्ल में सामने आता है , कभी खादी में और और कभी शिव सेना के रूप में. यही कारण है की स्वतंत्र फिल्मकार चाह कर भी इस दिशा में सोंच नहीं पाता है .

बहरहाल,एक समय किवदंती रही मार्गरेट थेचर को रुपहले परदे पर देखना इतिहास की सुहानी यात्रा जेसा रहेगा. यह बात और कि एक समय कि लोह महिला आज स्मरण शक्ति लगभग खो चुकी है, और अपनी बेटी कि देखरेख में गुमनाम जिन्दगी जी रही है .

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