
14 फरवरी : वेलेन्ताईन डे : आज ख़ास तौर पर ऐसी अभिनेत्री को याद किया जाना चाहिए जिसके फोटो देखकर ही खालिस प्रेम की अनुभूति होती है. वह थी निर्मल सोंदर्य की देवी मधुबाला.' मुमताज जहां बेगम ' के नाम से जन्मी यह अभिनेत्री अपने ग्यारह भाई - बहनों में पांचवे स्थान पर थी. नाटको में इसका काम देखकर देविका रानी ने नाम दिया 'मधुबाला '. शायद नाम का ही कमाल था कि जीवन का पहला ब्रेक राज कपूर के साथ 'नील कमल ' में मिला उस समय उम्र थी चौदह बरस. सोलह बरस की उम्र में नायक बने अशोक कुमार फिल्म थी 'महल '. इस फिल्म से दो सितारों का जन्म हुआ. पहली तो यक़ीनन मधुबाला थी और दूसरी थी लता मंगेशकर. लता मंगेशकर के केरियर में यह फिल्म मील का पत्थर मानी जाती है .
सोंदर्य की इस मलिका का पहला प्रेम असफल रहा था. 1950 में फिल्म 'नया दौर' के निर्माण के समय एक विवाद ने वक्त की धाराए बदल दी थी. निर्माता बी . आर . चोपड़ा चाहते थे फिल्म की आउट डौर शूटिंग भोपाल में हो. फिल्म के नायक दिलीप कुमार थे नायिका मधुबाला. दोनों एक दुसरे के प्रेम में आकंठ डूबे हुए थे. लेकिन मधुबाला के अब्बा को लगता था की दिलीप कुमार के प्रभाव के कारण निर्माता जानबूझ कर फिल्म को बम्बई से बाहर शूट कर रहे है ताकि 'अकेलेपन का फायदा उठाकर मधुबाला को प्रेम जाल में फंसाया जा सके. इस गलत फहमी के चलते मधुबाला को फिल्म भी छोडनी पड़ी थी और परिवार के दबाव में आकर दिलीप कुमार को भी.......
यह भी संयोग ही था कि उस समय होलीवूड की 'मर्लिन मुनरो' मधुबाला की समकालीन थी. 'मर्लिन मुनरो' सारे जमाने को अपने सोंदर्य से चकाचोंध कर चुकी थी . तत्कालीन राष्ट्रपति जोन.ऍफ़ . केनेडी से असफल प्रेम के बाद 'मर्लिन को जीवन के नकली पन और नेराश्य के चलते आत्म हत्या करना पड़ी थी .
परन्तु नीयति ने मधुबाला के लिए कुछ और ही सोंच रखा था. दिल टूटने के साल भर अचानक पता चला था कि सुन्दरता कि इस मूर्ति के दिल में एक छेद है. उस समय यह एक ला-इलाज मर्ज था.
उम्र के 26 वे साल में मधुबाला को इस जान लेवा बिमारी ने घेरा था और अगले दस साल तक वह मौत को धकेलती रही थी. अपने 36 वे जन्म दिन के ठीक नौ दिन बाद मधुबाला दिल की बिमारी से हार गयी .
एक और विडम्बना - सन 2008 में भारत सरकार ने मधुबाला की याद में डाक टिकिट जारी किया था. परन्तु बांद्रा के जिस कब्रिस्तान में मधुबाला को 1969 में संगमरमर की कब्र में दफनाया गया था उसे 2010 में पुनर्निर्माण के कारण वंहा से हटा दिया गया.आज दावे के साथ कोई नहीं कह सकता की मधुबाला किस जगह दफ़न है.
सचमुच वे सौंदर्य की देवी थी.
ReplyDeleteमधुबाला वाकई सौंदर्य की अप्रतिम मूरत थीं..
ReplyDelete'मिलिए रेखाओं के अप्रतिम जादूगर से '
सचमुच मधुबाला सौंदर्य की देवी थी| धन्यवाद|
ReplyDeleteमधुबाला का कोई जवाब नहीं.....
ReplyDeleteसुंदर पोस्ट
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शुक्रिया।
ReplyDeleteमधुबाला की अविस्मरणिय यादें. आभार...
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