
ओस्कर समारोह महज एक हफ्ते दूर है. 27 फरवरी को लोस एंजल के कोडक थियेटर में होलीवूड के नाम चीन फिल्मकार रेड कारपेट पर अवतरित होंगे. यधपि ओस्कर सिर्फ अमरीकन फिल्मो को ही सम्मानित करने के लिए दिया जाता है , परन्तु सारी दुनिया टकटकी लगा कर इन पुरुस्कारों की घोषणा को अपने टेलीविजन सेट के जरिये देखती है. इस वर्ष होने वाला समारोह 83 वां होगा . चूँकि फिल्म निर्माण के हर वर्ग के लिए केटेगरी बनी हुई है , परन्तु फिर भी सबसे ज्यादा उत्सुकता 'बेस्ट फीचर फिल्म ' बेस्ट एक्टर' बेस्ट एक्ट्रेस ' को ही लेकर होती है .
ओस्कर के साथ सबसे अच्छी बात यह रही है कि इसकी विश्वश्नियता बरसो से बरकरार है. पक्षपात के आरोप न के बराबर लगे है . उसकी वजह है 5578 ओस्कर सदस्यों का निर्णायक मंडल. यह निर्णायक वोटिंग के जरिये अपनी राय ओस्कर अकादमी को बंद लिफाफों में समारोह से मात्र पांच दिन पूर्व भेजते है .
दुनिया भर कि फिल्मो को प्रोत्साहित करने के लिए 'फोरेन लंगुएज फिल्म ' की एक कटेगरी अलग से बनाई गई है. इसमें हर वर्ष मात्र चार फिल्मो को अंतिम दौर के लिए चयनित किया जाता है . विदित हो, 'लगान' अंतिम चार में जगह बनाने के बाद भी ' नो मेंस लैंड' से शिकस्त खा गई थी.
इस वर्ष अच्छी फिल्मो की दौड़ में प्रमुख है ' द किंग्स स्पीच ' सोसल नेटवर्क ' ( फेसबुक के जनक मार्क जुकेर्बेर्ग के जीवन पर आधारित ) 'इंसेप्शन ' और 'ब्लेक स्वान'. 'ब्लेक स्वान'.रूस के बेलेट डांस पर आधारित फिल्म है. उलेखनीय है कि इस फिल्म के ओस्कर जीतने की सबसे ज्यादा प्राथना रूस में हो रही. जबकि एक ज़माने रूस- अमेरिका कट्टर दुश्मन रहे है .डेनी बोयेल जिन्होंने दो बरस पहले 'स्लम डोग मिलेनियर ' के जरिये धूम मचाई थी , इस बार हेरत अंगेज फिल्म '127 अवर 'लेकर हाजिर है . इस फिल्म को भी पांच श्रेणियों में नामांकित किया गया है.
3 किलो 850 ग्राम वजनी एवं 13 .5 इंच लम्बी सोने की इस प्रतिमा का जादू कुछ ऐसा है कि दुनिया के सारे फ़िल्मी पुरूस्कार इसके सामने फीके लगते है. जिसके भी हाथ में यह जाती है उसका फ़िल्मी करियर और जिन्दगी दोनों ही सुनहरे रास्ते पर चल पड़ती है .शायद इसीलिए इसे पुरुस्कारों का पितामह कहा जाता है .
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